वो खुद ही घर का सारा काम करते थे और खाना भी बनाते थे. जब उन्हें खाना बनाने में और घर का काम करने में दिक्कत होने लगी तो उन्होने डॉली भाभी को भी पटना बुला लिया. मम्मी तो थी नहीं केवल पापा ही थे. कुच्छ दीनो के बाद पापा का भी स्वरगवस हो गया तो भैया ने मुझे अपने पास ही रहने के लिए बुला लिया. मैं उनके पास पटना आ गया और वहीं रह कर पढ़ाई करने लगा.
Related Posts
माँ और चाची की चूत एक साथ चोदा ठरकी बॉय लंड से देसी
787 Views0 Comments1 Likes
पूर्वी : ना, ना भैया, ऐसा मत करना, पिताजी ऐसी बातें सुन पाएँगे तो मुझे मार डालेंगे. मैं : ऐसा तू ने क्या किया है जो इतना डरती हो ? पूर्वी : कसम खाई ये मेरे सर पे हाथ रख के, किसी से नहीं बोलेंगे आप. में ने कसम खाई. वो ...
हिंदी – भाभी ने देवर का लंड खड़ा किया रंडी मस्ती करके
195 Views0 Comments2 Likes
वो जब चलती थी तब स्तन और चौड़े नितंब थीरक जाते थे. किसी नामर्द का लंड भी खड़ा कर दे ऐसा उस का हौसला था. मैने तो पहले ही दिन बाथरूम में जा कर उस के नाम हस्त मैथुन कर लिया था और उसे चोद ने का निर्धार कर लिया था. सुलू मौ...
कानपूर भाभी की चूत ज़ोर ज़ोर से चोदा देवर ने घर पर एक्सएक्सएक्स
797 Views0 Comments0 Likes
तो उसने शावर को निकाल दिया और फिर बाथरूम के अन्दर बनी हुयी टंकी जो सीलिंग से लगी हुयी थी , से नल को चेक करने लगा . "लगता है की टंकी से पानी नही आ रहा है . ऊपर चेक करना पड़ेगा . कोई टेबल है क्या ?"रोमा ने एक मध्यम साइज़...
बीएफ – देवर ने भाभी की चूत चाटकर सेक्स किया रोमांटिक मूड बनाकर
1.73K Views0 Comments0 Likes
माँ ने उसे घर के काम काज में लगा दिया, जिससे कि शादी के लिए वो तैयार हो. चंदर बहुत ही अच्छा रिश्ता था. आज भी उसके मात-पिता को अपने दामाद पे गर्व था. शादी कि पहली रात उसने काम-रस पहली बार चखा था. शादी से प[एहले ना तो क...
२ रंडी गर्ल्स की प्यासी चूत को चाटकर गिला किया सेक्स करने हिंदी
28 Views0 Comments0 Likes
वो संभली और अंदर जा कर फिर लेट गयी. इस बार थोड़ी बेचैन और अशांत थी. काफी देर तक तरह के ख्याल उसे पारेषण करते रहे. बार बार उसे महेश का मुस्कुराता चेहरा दीखता और वो सहम जाती. किसी तरह से करवट बदलते-बदलते आखिर में सो गयी...
हिंदी – प्रॉपर्टी डीलर की गोरी चूत में लंड घुसाकर चोदा नंगी
1.87K Views0 Comments0 Likes
"अरे, पूछता क्या है. तेरा ही घर है. "महेश अंदर गया तो चंदा गहरी सोच में पड़ गयी. यह सब क्या हो रहा था. उसे ज्ञात था कि यह शायद कुछ गलत था, परन्तु उसे रोक पाने में वो खुद को बहुत लाचार महसूस कर रही थी. महेश लौटा तो ए...